इतिहास ए यदुवंश (महाराजा जयसिंह पाल-महाराजा अर्जुन पाल)

इतिहास ए यदुवंश (महाराजा जयसिंह पाल-महाराजा अर्जुन पाल)


महाराज जयसिंह पाल

इनकी मृत्यु के बाद कुछ समय के लिए राज पाट इनके श्वसुर वृषभान सिंह तंवर ने संभाला था फिर हाड़ौती के राव जयसिंह पाल जी सन 1869 में गद्दी पर विराजे । इन्होने आवागमन पर विशेष ध्यान दिया तथा जयनगर(कुड़गांव) बसाया ।

इनकी न्याय व्यवस्था और विकास कार्यो की ब्रटिश सरकार भी तारीफ़ करती थी ।

महाराज अर्जुन पाल

maharaja arjun pal

महाराज जयसिंह पाल की मृत्यु के बाद राव हाड़ौती अर्जुन पाल गद्दी पर सन 1876 में गद्दी पर बैठे ।

सन 1877 में इन्होने दिल्ली दरबार में करौली का नेतृत्व किया था । इनके समय में करौली ने सात खंडो वाली नमक की संधि पर हस्ताक्षर किये थे ।

वर्तमान मुख्य चिकित्सालय का निर्माण भी इनके समय में ही हुआ था । इन्होने प्रजा की सुख सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा था ।

महाराज सन 1886 में निसंतान गुजर गए ।

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