सपोटरा दुर्ग

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सपोटरा करौली जिले की तहसील है जो करौली से पश्चिम में 50 किमी. पर स्थित है । सपोटरा गांव की स्थापना विक्रम संवत् 1730 में महाराजा धर्म पाल के बेटे जसपाल जी ने की थी । उसके बाद उनके वंशज राव किशन पाल जी ने विक्रम सम्वत 1825 में इस दुर्ग और बावड़ी का निर्माण करवाया था । यह दुर्ग लगभग 6 बीघा फैला हुआ है एवम् इसमें एक खूबसूरत तालाब भी बना हुआ है । इस किले में स्थित मंदिर झरोखे दर्शनीय है ।


सपोटरा दुर्ग
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यहाँ के जोगी लोग उस समय बारूद बनाते थे जो बूँदी व कोटा राज्यों में भेजी जाती थी । रियासत काल सपोटरा को 27 घोड़ा जागीर का भी दर्जा प्राप्त था | पुरातत्व विभाग द्वारा इस प्राचीन दुर्ग को नजरंदाज किया जाना आश्चर्य विषय है परन्तु वर्तमान में इस किले का संरक्षण इसके सपोटरा वंसजो एवम् स्थानीय निवासियों द्वारा किए जा रहे दुर्ग पुनरुथान के कार्य अवश्य प्रशंसनीय है ।


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Karaulians का मुख्य उद्देश्य राजस्थान के इतिहास एवं ऐसा इतिहास जो किन्ही परिस्थितियों के कारण इतिहास के पन्नो में संकुचित सा होकर रह गया है, को डिजिटल माध्यम से जन जन तक पहुंचाने का है | राजस्थान, जो की शुरू से ही पर्यटन स्थलो से परिपूर्ण रहा है परन्तु वहाँ के कुछ छुपे हुए पर्यटन स्थल जो आकर्षक और अदभुत होने के बाद भी सैलानियों की नजरों से अभी भी दूर है, उन्हें भारत के पर्यटन स्थलों की सूची की पृष्ठभूमि पर लाने को "करौलियंस टीम" प्रयासरत है| धन्यवाद "