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52 वर्ष की आयु में महारावल श्री ब्रजराज सिंह जी भाटी जैसलमेर दरबार का असामयिक निधन

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कल भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण के वंशज (उतराधिकारी)जैसलमेर दरबार दाता हुकुम महारावल श्री ब्रजराज सिंह जी भाटी का 52 वर्ष की आयु में असामयिक निधन हो गया ....

आप महारावल हुकुम श्री गिरिधर सिंह जी भाटी के पौत्र है जिन्होंने जयपुर बीकानेर जैसलमेर एवं मारवाड़ (जोधपुर) रियासत के भारत गणतंत्र में विलय में महत्ती भूमिका निभायी थी और अप्रैल-1949 में आपने (महारावल जैसलमेर श्री गिरधर सिंह जी भाटी ने) .... मारवाड़ (जोधपुर) महाराजा हनवन्त सिंह जी राठौड़ ने .... बीकानेर महाराजा सार्दुल सिंह जी राठौड़ ने .... जयपुर महाराजा सवाई मानसिंह जी कच्छवाह द्वितीय ने अपनी विशाल रियासतों (जयपुर जोधपुर बीकानेर जैसलमेर) का विलय भारत संघ में कर के वर्तमान भारत के विराट आधुनिक भौगोलिक स्वरूप को मूर्त रूप प्रदत्त किया था ....


आपके पिता-श्री महारावल रुघनाथ सिंह जी भाटी की शादी नेपाल नरेश की सुपुत्री से हुई थी ....


आपने बडेली कॉलेज इंदौर से स्नातक किया था एवं आप मात्र 13 वर्ष की आयु में जैसलमेर रियासत के राजसिंहासन पर विराजीत हो कर महारावल बने थे ....


आपकी स्वयं की शादी काठमांडू (नेपाल) के शमशेर सिंह  जंग बहादुर राणा की सुपुत्री राजकन्या राजेश्वरी राज्य लक्ष्मी से हुई थी ....


आपका आकस्मिक निधन सम्पूर्ण राजपूताना के लिए अपूरणीय क्षति है ....


आराध्य प्रभु श्री कृष्ण एवं आराध्य मां भटियाणी (जसोल/बाड़मेर/राजस्थान) अपने कुल-दीपक महारावल श्री ब्रजराज सिंह जी भाटी जैसाण की पवित्र आत्मा को सद्गति प्रदत्त करे एवं शोक संतप्त भाटी राजवंश जैसलमेर को सम्बल प्रदत्त करे ....आपका नाम Asia के सबसे खुबसुरत राजाओं में से एक था... 


आपके पुर्वजों की वीरता त्याग तपस्या एवं उनके अदम्य साहस शौर्य स्वाभिमान की अभूतपूर्व गाथाओं से सम्पूर्ण थार के मरुस्थल के बालू रेत के धोरों का कण-कण गुंजायमान है ....


ॐ शांति शांति शांति ....


आज दुर्ग सोनार जैसाण बिन आपके सूना-सूना रहेगा!! ....


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