भांकरी का शिलालेख

करौली के भांकरी गाँव में स्थित यह शिलालेख अपने आप में अलग है। करौली जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर मंडरायल रोड पर स्थित यह शिलालेख करौली में आदिवासी शासन या लोधा शासनकाल के समय का बताया जाता है ।

 वहां के लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. लेकिन टीम को मिली जानकारी के अनुसार, यह स्तंभ यहां हजारों वर्षों से है और यह स्तंभ के नीचे खजाना होने के लिए अभिशप्त है।

 लेकिन इसे ध्यान से देखने पर पता चलता है कि इसमें हाथ मातृ शक्ति को दर्शाता है जो आदिवासी जातियों का चिन्ह होता था । और घोड़ा लोधा वंश के शासनकाल का प्रतिनिधित्व करता है। टीम को लगता है कि यह स्थिति करौली में राजपूतों के आने से पहले है, जो एक दुर्लभ बात है।

IN Eng:--

This #rock_inscription located in #Bhankari village of #Karauli is different in itself. People do not know much about it there. But according to the information received by the team, this pillar has been here for thousands of years and it is cursed to be the treasure under the pillar. But looking at it carefully it shows that the hand in it shows the mother power and The horse represents the reign of #lodha #Dynasty. The team feels that this position is before the arrival of Rajputs in Karauli, which is a rare thing

Images by Team:--

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